पाकिस्तानी कप्तान शाहिद आफरीदी द्वारा भारतीयों को 'छोटे दिल वाला' बताए जाने को मुस्लिम विद्वानों ने पाकिस्तान के मदरसे में पढ़ाए जाने वाले नफरत के पाठ के रूप में लिया है। उन्होंने आफरीदी को सलाह दी है कि वे अपनी ऊर्जा कट्टरपंथ से लड़ने में लगाएं। आफरीदी ने एक पाकिस्तानी टीवी चैनल से कहा था, 'भारतीयों का दिल कभी भी मुसलमानों और पाकिस्तानियों जैसा नहीं हो सकता। मुझे नहीं लगता कि उनका दिल पाक और विशाल हो सकता है, जैसा कि अल्लाह ने हमें बख्शा है।' हालांकि बाद में भारतीय चैनल से बात करते हुए आफरीदी बयान से साफ मुकर गए।शिया मौलाना जहीर अब्बास ने मीडिया को बताया, 'आफरीदी का यह बयान गैर जिम्मेदाराना और इस्लाम के उसूलों के खिलाफ है। इस्लाम में किसी को नीचा दिखा कर खुद को बेहतर बताने की प्रवृत्ति को कभी बढ़ावा नहीं दिया गया।'ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के सदस्य कमाल फारूकी ने कहा कि आफरीदी पाकिस्तानी टीम की मोहाली में हुई हार को पचा नहीं पाए। इसलिए उनके बयान को अनसुना कर देना चाहिए।उधर, पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने भी आफरीदी को झिड़का है। मंत्रालय का कहना है कि भारत-पाकिस्तान कूटनीति पर आफरीदी को बोलने का कोई हक नहीं है। पाकिस्तानी कप्तान ने यह भी कहा था कि भारतीयों से चाहे जितने संबंध बना लें, बात नहीं बनेगी। उन्होंने कहा था कि भारतीय संबंध बनाने लायक नहीं हैं। उनसे बातचीत का कोई फायदा नहीं है।
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