लोगों में दिनो दिन बढ़ता पॉलीथीन का उपयोग अब प्रदूषण के लिए खतरनाक होते जा रहा है। पॉलिथीन पर रोक के प्रयास तो कई बार हुए लेकिन इसका उपयोग कम होने के बजाए लगातार बढ़ते जा रहा है। लोग पॉलिथीन का उपयोग कर स्वयं अपने भविष्य के लिए गंभीर समस्याएं उत्पन्न कर रहे हैं।
बाजार में लगभग प्रत्येक सामान के खरीदी के साथ आसानी से उपलब्ध होने वाला पॉलिथीन बहुत सस्ती होती हैं इसलिए इसके खतरों को जानते हुए भी लोग धड़ल्ले से इसका उपयोग कर रहे है। पॉलिथीन कितना खतरनाक है इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है की जमीन पर पड़े पॉलिथीन को पालतू जानवर अपने भोजन के साथ निगल लेते हैं जो उनकी मौत तक का कारण बनता है। पॉलिथीन जमीन की उर्वरक क्षमता को भी तेजी से प्रभावित कर रही है। पॉलिथीन के उपयोग पर रोक लगाने के साथ साथ आम जनता में जागरुकता लाने व्यापक पैमाने पर कार्यक्रम की भी जरूरत है। पॉलिथीन के उपयोग करने के बाद उसको संग्रहित करने की व्यवस्था हो जिससे उसी पॉलिथीन को फिर से उपयोग के लायक बनाया जा सके इससे प्रदूषण की समस्या पर कुछ हद तक काबू पाया जा सकता है। पॉलिथीन पैक पान मसाला तथा गुटखों पर भी रोक लगाई गई है लेकिन ऐसे पाउच धड़ल्ले से बिक रहे हैं। सरकार नियम तो बनाती है लेकिन पालन नहीं होता जिसके कारण लोग पॉलिथीन के उपयोग धडल्ले से कर रहे है।
बाजार में लगभग प्रत्येक सामान के खरीदी के साथ आसानी से उपलब्ध होने वाला पॉलिथीन बहुत सस्ती होती हैं इसलिए इसके खतरों को जानते हुए भी लोग धड़ल्ले से इसका उपयोग कर रहे है। पॉलिथीन कितना खतरनाक है इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है की जमीन पर पड़े पॉलिथीन को पालतू जानवर अपने भोजन के साथ निगल लेते हैं जो उनकी मौत तक का कारण बनता है। पॉलिथीन जमीन की उर्वरक क्षमता को भी तेजी से प्रभावित कर रही है। पॉलिथीन के उपयोग पर रोक लगाने के साथ साथ आम जनता में जागरुकता लाने व्यापक पैमाने पर कार्यक्रम की भी जरूरत है। पॉलिथीन के उपयोग करने के बाद उसको संग्रहित करने की व्यवस्था हो जिससे उसी पॉलिथीन को फिर से उपयोग के लायक बनाया जा सके इससे प्रदूषण की समस्या पर कुछ हद तक काबू पाया जा सकता है। पॉलिथीन पैक पान मसाला तथा गुटखों पर भी रोक लगाई गई है लेकिन ऐसे पाउच धड़ल्ले से बिक रहे हैं। सरकार नियम तो बनाती है लेकिन पालन नहीं होता जिसके कारण लोग पॉलिथीन के उपयोग धडल्ले से कर रहे है।
भास्कर के सौजन्य से
