Friday, 13 May 2011

पोलिथीन हटाओ प्राण बचाओ


लोगों में दिनो दिन बढ़ता पॉलीथीन का उपयोग अब प्रदूषण के लिए खतरनाक होते जा रहा है। पॉलिथीन पर रोक के प्रयास तो कई बार हुए लेकिन इसका उपयोग कम होने के बजाए लगातार बढ़ते जा रहा है। लोग पॉलिथीन का उपयोग कर स्वयं अपने भविष्य के लिए गंभीर समस्याएं उत्पन्न कर रहे हैं।

बाजार में लगभग प्रत्येक सामान के खरीदी के साथ आसानी से उपलब्ध होने वाला पॉलिथीन बहुत सस्ती होती हैं इसलिए इसके खतरों को जानते हुए भी लोग धड़ल्ले से इसका उपयोग कर रहे है। पॉलिथीन कितना खतरनाक है इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है की जमीन पर पड़े पॉलिथीन को पालतू जानवर अपने भोजन के साथ निगल लेते हैं जो उनकी मौत तक का कारण बनता है। पॉलिथीन जमीन की उर्वरक क्षमता को भी तेजी से प्रभावित कर रही है। पॉलिथीन के उपयोग पर रोक लगाने के साथ साथ आम जनता में जागरुकता लाने व्यापक पैमाने पर कार्यक्रम की भी जरूरत है। पॉलिथीन के उपयोग करने के बाद उसको संग्रहित करने की व्यवस्था हो जिससे उसी पॉलिथीन को फिर से उपयोग के लायक बनाया जा सके इससे प्रदूषण की समस्या पर कुछ हद तक काबू पाया जा सकता है। पॉलिथीन पैक पान मसाला तथा गुटखों पर भी रोक लगाई गई है लेकिन ऐसे पाउच धड़ल्ले से बिक रहे हैं। सरकार नियम तो बनाती है लेकिन पालन नहीं होता जिसके कारण लोग पॉलिथीन के उपयोग धडल्ले से कर रहे है।

भास्कर के सौजन्य से

Thursday, 12 May 2011

हमरा जागरूक होबाक चाही

हम बात क रहल छि पोलीथींन  के. आजुक समय में पोलीथींन  हमर रोजमर्रा के जीवन के एकता अभिन्न अंग भा गेल अछि . मुदा एकर पर्यावरण पर बहुत बरका असर पैर रहल अछि  . एकटा प्लास्टिक के नष्ट  होबा में जते समय लगे छाई तत्बाई में अपन सब के कई टा पुस्त बीत जै छाई. भारत वर्ष में कतेक गोटा एकरा हटेबाक लेल प्रयाश का रहल छैथ किनको सफलता भेतलैन किओ सफलता के इंतजार में छैथ . टा आओ हमहू सब मिल के एकरा हतेबक प्रयाश करी . हमारा हिसाब से हिमानचल , महाराष्ट्र , जम्मू   और गुजरात के किछु  प्रान्त में अहि विषय  पर उत्तम काज भेल आ सफलता सेहो भेटल . त इ प्रयाश हम अपन मिथिला बंधू से सेहो करबाक इच्छा जत्बाई छि . हम आहा सब के कल जोरी के विनती कराइ छि जे एकरा एकही बेर नही मुदा धीरे धीरे हटेबाक प्रयाश करू . अपन सब के सरकार एकरा हटेबाक लेल बड्ड पैघ पैघ बात बनबाई छैथ मुदा ख़तम  करबाक लेल प्रयाश एकदम नहीं कराइ छैथ . पोलीथिन मनुष्य समेत अन्य जिव के लेल सेहो खतरनाक अछि और ओकरा जरेबाक बाद निकलल धूआन कैंसर के न्योता देत अछि . प्रत्येक वर्ष ५०० विलियन पोलीथिन के उपयोग पूरा विश्व में होइत अछि . एखन देश दुनियां के पहिल चिंता अछि बिग्रैत पर्यावरण . लोक एकरा बचेबक में अपन भूमिका के नही बुझाई छैथ और कहै छैथ हम कैए की सकै छि ? एतेक सोचला के बाद हमहू एहे सोची छि  जे हमारा जागरूक होबाक चाही  .

धन्यबाद
अपनेक विभूति झा

Thursday, 5 May 2011

झंझारपुर एक नजर

झंझारपुर (मधुबनी)। एक सप्ताह के अंदर दूसरी बार बुधवार को पूर्व मध्य रेलवे समस्तीपुर के डीआरएम सत्य प्रकाश त्रिवेदी ने झंझारपुर जक्शन का निरीक्षण किया। इससे पूर्व बीते गुरुवार को औचक निरीक्षण में जंक्शन के व्यवस्था से खफा डीआरएम ने एसएस सहित कुल आठ कर्मियों को निलंबित कर दिया था। निलंबित कर्मियों को मंगलवार को उस समय बड़ी राहत मिली जब डीआरएम ने भविष्य में गलती न करने की चेतावनी के साथ निलंबन खत्म कर दिया। बुधवार को पहुंचे डीआरएम सत्य प्रकाश त्रिवेदी जंक्शन की साफ सफाई की व्यवस्था संतुष्ट नजर आए। निरीक्षण के दौरान उपस्थित कर्मियों को डीआरएम ने सभी व्यवस्थाएं चुस्त दुरूस्त रखने का आदेश दिया। रेलवे सूत्र के अनुसार डीआरएम ने तमुरिया घोघरडीहा एवं निर्मली स्टेशनों का भी निरीक्षण बुधवार को किया और कर्मियों को आवश्यक निर्देश दिया।
जागरण के सौजन्य से